गंगापार, अप्रैल 23 -- ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी और तपिश के बीच तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने से दुधारू पशुओं पर गंभीर असर पड़ा है। इससे दूध उत्पादन में उल्लेखनीय कमी आई है। चारे की कमी, महंगाई और बदलते मौसम के कारण पशुपालकों की आर्थिक स्थिति भी डगमगा गई है। इस वर्ष भीषण गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसका सीधा असर पशुधन, विशेष रूप से दुधारू भैंसो और गायों पर पड़ रहा है। पशु पालकों ने बताया कि मुर्रा,जाफर, और सिन्नर नस्ल की भैंसों के दूध उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पशुपालकों के अनुसार, सामान्य दिनों की तुलना में प्रतिदिन लगभग सवा से डेढ़ लीटर तक दूध कम हो रहा है। यह भी पढ़ें- भीषण गर्मी की मार से बेहाल सारण तेज गर्मी के कारण पशुओं के शरीर का तापमान बढ़ रहा है, जिससे उनकी भूख और स्वास्थ्य पर प्रतिक...