प्रयागराज, मई 26 -- प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की समस्या से किडनी के कमजोर होने के लक्षण मिले हैं, जिनका उपचार चल रहा है। नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि किडनी शरीर से गंदगी बाहर निकालने, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने और शरीर के तरल पदार्थ नियंत्रित करने का काम करती है। जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं मिलता तब किडनी को कम रक्त प्रवाह मिलता है। 45 डिग्री से अधिक तापमान मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाने लगता है, जिससे मायोग्लोबिन नामक पदार्थ खून में निकलता है और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके प्रभाव से गहरे रंग का पेशाब, कम पेशाब आना, अत्यधिक थकान या मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण किडनी के कमजोर होने के संकेत देने लगते हैं। यह भी पढ़ें- गर्मी से बचाव में उंगलियों पर ...