गंगापार, जून 28 -- भीषण गर्मी में अघोषित विद्युत कटौती से हर वर्ग प्रभावित और परेशान हैं। खासकर रात में कई बार बिजली काटे जाने से लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। दिन में भी बिजली का कोई निश्चित रोस्टर नहीं है। शट डाउन और ब्रेक डाउन का रटा-रटाया जवाब देकर विद्युत कर्मी अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ लेते हैं। मांडा क्षेत्र के 69 ग्राम पंचायतों के 193 गांवों को सुचारू रुप से बिजली आपूर्ति के लिए मांडारोड, भारतगंज, हाटा, सुरवांदलापुर और नेवढ़िया सहित कुल पांच विद्युत उपकेंद्र बनाये गये हैं। 1966 में सबसे पहले मांडा रोड उपकेंद्र की स्थापना की गई। इसके बाद जनसंख्या बढ़ने के साथ ही धीरे धीरे कुल पांच विद्युत उपकेंद्र बना दिए गए। यह भी पढ़ें- Purnia News बिजली की लचर व्यवस्था से उपभोक्ताओं में रोष उपकेंद्रों की संख्या बढ़ने के साथ व्यवस्था में सु...