नई दिल्ली, जून 9 -- बढ़ती गर्मी खेतों में काम के घंटे छीन रही है। इससे खाद्य सुरक्षा को लेकर एक नया खतरा पैदा हो सकता है। एनर्जी एंड क्लाईमेट इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में भीषण गर्मी की वजह से कृषि मजदूरों को खेतों में कार्य करने के 216 अरब घंटे गंवाने पड़े। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इन घंटों को प्रति कृषि श्रमिक के कामकाज में विभाजित कर दें तो प्रत्येक श्रमिक ने वर्ष के दौरान 590 घंटे यानी 49 कार्य दिवस हीट स्ट्रेस के चलते गंवा दिए। रत समेत ज्यादातर देशों में श्रमिकों के लिए करीब डेढ़ महीने के बराबर का कृषि कार्य गर्मी के चलते खत्म हो गया है। यह स्थिति साल-दर साल खराब होती जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रति श्रमिक हीट स्ट्रेस से होने वाला नुकसान हर साल लगभग चार से पांच घंटे बढ़ रहा है। यानी बढ़ती गर्मी खेतों में काम करने ...