गाजीपुर, मार्च 2 -- सादात, हिन्दुस्तान संवाद। होलिका फाल्गुन पूर्णिमा को जलाई जाती है और इसके अगले दिन रंगभरी होली मनाई जाती है। लेकिन सादात ब्लाक के दक्षिणी छोर पर गांगी नदी किनारे बसे छोटे से बाजार भीमापार में पूरे देश से अलग ही रवायत और परंपरा चली आ रही है। पूरा देश जहाँ होली का आयोजन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को करता है तो भीमापार बाजार में ये पर्व चैत्र कृष्ण की द्वितीया तिथि को मनाने की परंपरा है और ये परंम्परा सदियों से चली आ रही है। इस परम्परा के बारे में लोगों के बीच कई तरह की किवदंतियां हैं। कुछ बातें सबसे खास हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि भीमापार बाजार में पहले नृत्यांगनाएं रहती थीं, जो होली के दिन आस-पास के गांवों में या जमींदारों/राजाओं के यहां जाकर नृत्य आदि करके लोगों का मनोरंजन करती थीं और होली के दूसरे दिन खूब उल्लास के साथ बाजार ...
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