भीमचंडी पहुंचा पंचकोशी यात्रा का दूसरा पड़ाव, आशुतोषानंद ने बताया आध्यात्मिक महत्व
वाराणसी, मई 19 -- वाराणसी। काशी की विश्वप्रसिद्ध पंचकोशी यात्रा इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है। कैलाश मठ के महामंडलेश्वर आशुतोषानंद गिरि ने यात्रा के दूसरे पड़ाव भीमचंडी पहुंचने पर सैकड़ों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भीमचंडी धाम के धार्मिक, पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि काशी की पंचकोशी यात्रा का दूसरा पड़ाव चंडिकेश्वर महादेव एवं भीमचंडी मंदिर है, जिसका उल्लेख स्कंद पुराण के काशी खंड में मिलता है। यह स्थल मां दुर्गा के उग्र एवं शक्तिशाली स्वरूप को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन-पूजन करने से मनुष्य को काम, क्रोध, लोभ और अन्य विकारों से मुक्ति मिलती है। यह भी पढ़ें- 12 ज्योर्तिलिंग का दर्शन करनेवाले भक्त का किया स्वागत उसमें आत्मिक शांति और सकारात्म...
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