औरैया, अगस्त 8 -- सड़कों, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति में लगे लोगों को चिह्नित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए शनिवार से सर्वेक्षण शुरू किया गया। इसमें भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के साथ बच्चों की भी पहचान की जाएगी। उनकी सामाजिक और पारिवारिक स्थिति जानने के बाद आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। जिला समाज कल्याण प्रशासन और हेडवे फाउंडेशन की ओर से स्माइल योजना के तहत यह अभियान शुरू किया गया है। सर्वेक्षण करने वाली टीम भिक्षावृत्ति में संलिप्त लोगों और बच्चों को चिह्नित करने के साथ यह पता लगाएगी कि किन परिस्थितियों में वह भिक्षावृत्ति कर रहे हैं। उनके परिवार और आजीविका की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा。

उद्देश्य सर्वेक्षण में चिह्नित लोगों की ज...