भागलपुर, मई 11 -- शाहकुंड। भाव पांच प्रकार को होता है। पहला शांत भाव, दूसरा दास्य भाव, तीसरा सखा भाव, चौथा वात्सल्य भाव भाव और पांचवां माधुर्य भाव है। माधुर्य भाव में सभी भाव समाहित हैं। यह भाव सर्वश्रेष्ठ भाव माना जाता है। यह बात देवी कृष्णा प्रियाजी ने प्रखंड के शहजादपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन में कही। यह प्रवचन सुनने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है।

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