मैनपुरी, फरवरी 9 -- कस्बा के शहीद मेला में रविवार रात कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन में कवियत्री रजनी सिंह अवनि ने मां शारदे की वंदना पेश कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कासगंज के कवि डा. अजय अटल ने पढ़ा कि नयन में सागर है वरना अश्रु नमकीन नहीं होते। कंठ में करुणा है वरना गीत गमगीन नहीं होते। इसके अलावा उन्होंने पढ़ा कि भावना विहीन हो गया आदमी मशीन हो गया। गाजियाबाद के कवि चेतन आनंद ने पढ़ा कि कल जमाने में तुम्हारा यश बहुत होगा, ए चरागों हवाओं का सामना करते रहो। लखनऊ के वीररस के कवि विख्यात मिश्रा ने पढ़ा कि ए तिरंगे तू निश्चित होकर फहर। आगरा के हास्य कवि एलेश अवस्थी ने पढ़ा कि रोई हूक भर के मां बेटे से चिपटकर। आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपटकर। इसके अलावा कानपुर की डा. अंजना कुमार, कवि बलराम सरस, हास्य कवि सबरस मुरसानी ने रचनाओं से...
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