नई दिल्ली, मार्च 5 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अमेरिका से परस्पर लाजिस्टिक समझौते के बावजूद भारत का रुख स्पष्ट है कि वह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान भारत के सैन्य सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगा। इससे पहले भारत ने अमेरिका के एक पूर्व सैन्य अधिकारी के उस दावे को भी गलत करार दिया था जिसमें दावा किया गया था कि हिंद महासागर में ईरानी पोत आईआरआईएस देना को नष्ट करने के लिए भारतीय बेस का इस्तेमाल किया गया। विदेश मंत्रालय ने तथ्यों की जांच के बाद कहा कि यह पूरी तरह से निराधार है। इस पोत में करीब 100 ईरानी नौसैनिक सवार थे जिनमें से ज्यादातर की मौत की खबर है जबकि कुछ को श्रीलंका की नौसेना ने बचा लिया था। यह पोत भारतीय नौसेना के निमंत्रण पर मिलन अभ्यास में हिस्सा लेने विशाखापट्टन आया हुआ था। खबर है कि पाकिस्तान के इनपुट के आधा...
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