ढाका, नवम्बर 19 -- पड़ोसी देश बांग्लोदश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पिछले दिनों वहां की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगी, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई है। इन दोनों नेताओं को पिछले वर्ष हुए छात्र आंदोलन के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए दोषी ठहराते हुए उनकी गैर मौजूदगी में ये सजा सुनाई है। शेख हसीना पिछले साल इस हिंसक विद्रोह के बाद 5 अगस्त 2024 को भारत आ गई थीं और तब से यहीं शरण लिए हुई हैं। मोहम्मद यूनुस की अगुलाई वाली बांग्लादेश के कार्यवाहक सरकार ने तब भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी।इंटरपोल से सहायता लेने की तैयारी ICT के फैसले के बाद यूनुस सरकार ने फिर से भारत से शेख हसीना का प्रत्यर्पण करने की मांग की है लेकिन भारत ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। इस बीच, खबर है ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.