नई दिल्ली, अगस्त 10 -- अमेरिका के नए प्रतिबंध प्रस्ताव ने भारत की रूस से तेल खरीद को फिर चर्चा में ला दिया है। भारत अपनी घरेलू कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में सस्ता और आसानी से उपलब्ध रूसी तेल भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जून 2026 में भारत ने रूस से करीब 26 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो कुल आयात का लगभग 53.5 प्रतिशत था।100 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का भारत पर क्या असर होगा? अगर प्रस्तावित प्रावधान लागू होता है तो अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर भारी अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। इससे भारत का अमेरिका को निर्यात महंगा होगा और कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों पर दबाव पड़ सकता है। यह भी पढ़ें- तेल के नए रेट: बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल Rs.167.35 लीटर, सामान्य के क्या हैं...