भारत में संसद नहीं, संविधान सर्वोच्च: न्यायमूर्ति गवई
नई दिल्ली, मई 9 -- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने शनिवार को कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र सत्ता के किसी एक केंद्र के इर्द-गिर्द स्थित नहीं होता है और देश में संसद (विधायिका), कार्यपालिका (सरकार) और न्यायपालिका नहीं, बल्कि संविधान सर्वोच्च है।कोलंबो विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 19वें सुजाता जयवर्धना स्मृति व्याख्यान में न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि संसद और न्यायपालिका के बीच टकराव के कारण ऐसे संघर्षों के प्रबंधन के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और सिद्धांतों का विकास हुआ है। कहा कि संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका को संविधान से अधिकार प्राप्त होता है और तीनों इससे बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐसी व्यवस्था नहीं है जिसमें कोई एक संस्था असीमित अधिकार का प्रयोग करती हो। बल्कि, यह एक सुनियोजित व्यवस्था है, जिसमें शक्ति का वितरण क...
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