नई दिल्ली, मई 9 -- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि जनगणना के बाद भारत में मुसलमानों की संख्या इंडोनेशिया की लगभग कुल आबादी (28.7 करोड़) के बराबर रहने की संभावना है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने मुंबई में पत्रकारों से कहा कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी और 2021 में दस-वर्षीय जनगणना नहीं हो सकी, इसलिए जनसंख्या में वृद्धि हुई होगी। साथ ही कहा कि संविधान के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और किसी के साथ धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता है। पारसी समुदाय की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि देश में उनकी संख्या 52 हजार से 55 हजार के बीच है। कहा कि पारसी भारत का सबसे छोटा अल्पसंख्यक समुदाय है और सरकार उनकी सुरक्षा और उनकी संख्या में और कमी न आने देने के लिए काम कर रही है। रिजिजू ने देश में अल्पसंख्य...