धीरज कुमार, अप्रैल 30 -- भारतीय दूल्हे के साथ सात फेरे के सात साल पूरा कर चुकी नेपाली बेटियों को भारतीय नागरिकता मिलेगी। भारत में विवाह कर आने वाली नेपाली मूल की महिलाओं को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने में सहयोग के लिए पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने विशेष समिति बनाई है। इसके तहत प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर पंजीकरण में मदद की जाएगी, जिससे हजारों महिलाओं को फायदा होगा। उन्हें अधिकृत नागरिकता मिल जाएगी। सीमावर्ती इलाकों में रोटी-बेटी के इस रिश्ते को अब कानूनी जामा पहनाने के लिए प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचेगा। बता दें कि इस पहल से भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को प्रशासनिक स्तर पर नई मजबूती मिलेगी। साथ ही एक डाटा बेस भी तैयार हो जायेगा कि नेपाल की कितनी बेटियां इन इलाकों में ब्याही गयी हैं। कें...
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