नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- देश में लंबे समय तक केरल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अपना वर्चस्व रखने वाली वामपंथी पार्टियां अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। केरल में लेफ्ट संगठन की हार के बाद भारत का आखिरी लेफ्ट गढ़ भी ढ़ह गया। अब भारत में वामपंथ के डूबते सूरज को लेकर देश में इकलौते कम्युनिस्ट मंत्री सी.पी जॉन ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि देश में वामपंथ के समर्थन में कमी आई है क्योंकि लेफ्ट पार्टियां समय लोकतंत्र के बदलते विचारों को लेकर युवा पीढ़ी की उम्मीदों के हिसाब से खुद को ढ़ाल नहीं पाईं। इंडिया टुडे से बात करते हुए केरल सरकार में कैबिनेट मंत्री सी.पी. जॉन ने वामपंथी पार्टियों की राजनीतिक गिरावट को लेकर भी अपना पक्ष रखा। देश के एकमात्र कम्युनिस्ट मंत्री होने को लेकर जॉन ने कहा कि इसमें खुश होने जैसी कोई बात नहीं है। क...