नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में भारत के अनिवार्य लाइसेंसिंग (कंपल्सरी लाइसेंसिंग-सीएल) के उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। यह बात राज्यसभा में शुक्रवार को दी गई लिखित जानकारी में कही गई। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि यह समझौता अनिवार्य लाइसेंस जारी करने में कोई प्रक्रियात्मक देरी, पहले बातचीत की अनिवार्यता या अतिरिक्त शर्तें नहीं जोड़ता, जो इसके उपयोग को सीमित कर सकें। अनिवार्य लाइसेंसिंग एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो आपात स्थिति में जीवन रक्षक दवाओं और तकनीकों तक पहुंच बनाने में मदद करता है। मजबूत सुरक्षा उपाय किए गए मंत्री ने आगे बताया कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) में मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ...
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