भारत बोध का मतलब भारतीय संस्कृति एवं मानवता : प्रो. द्विवेदी
औरैया, मार्च 24 -- औरैया, संवाददाता। तिलक महाविद्यालय के इंदिरा सभागार में भारत बोध विषय पर दो दिवसीय सेमीनार का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि सीएसजेएम विश्वविद्यालय कानपुर के सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारत बोध का अर्थ भारतीय संस्कृति, मानवता और परंपराओं को समाहित कर देश को समझने का प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन की बात करते समय वसुधैव कुटुंबकम की भावना भी सामने आती है। विश्वविद्यालय पिछले चार वर्षों से इस विषय का अध्ययन करा रहा है और कार्यशाला के माध्यम से छात्रों में जागरूकता व ज्ञान बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मुख्य वक्ता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रो. सुधीर कुमार आर्य ने कहा कि भारत बोध...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.