नई दिल्ली।, मई 9 -- ऑपरेशन सिंदूर को एक वर्ष बीत चुके हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच इस बीच भले ही कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ हो, लेकिन बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी सेना के रिटायर जनरलों और रिटायर राजनयिकों ने संभाली है। इन्होंने पिछले तीन महीनों में कम से कम दो बार गुप्त बैठकें की हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैठकें कतर और एशिया के एक और देश की राजधानी में आयोजित की गईं। हालांकि ये मुलाकातें औपचारिक नहीं हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह इस तरह का पहली कोशिश की जा रही है। सरकारी हलकों में इस बात पर सहमति बन रही है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ बातचीत का एक गुप्त रास्ता खुला रहना चाहिए। अंग्रेजी अखबार ने यह भी कहा है कि इस बातचीत की आवश्यकता क...
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