नई दिल्ली, मई 14 -- पश्चिम एशिया संकट और अमेरिका-ईरान टेंशन का असर अब भारत के किसानों पर भी देखने को मिल सकता है। खरीफ सीजन से पहले भारत को महंगे दामों पर डीएपी (DAP) और यूरिया आयात करना पड़ रहा है। इससे सरकार पर खाद की सब्सिडी का बोझ बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के किसानों से रासायनिक खादों का कम उपयोग करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील कर चुके हैं।डीएपी 920 से 930 डॉलर प्रति टन तक पहुंची रूरल वॉयस की खबर के मुताबिक भारत की फर्टिलाइजर्स कंपनियों ने खरीफ सीजन के लिए करीब 15 लाख टन डीएपी आयात के सौदे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, फरवरी में डीएपी की ग्लोबल प्राइस 720 से 730 डॉलर प्रति टन थी, लेकिन अब यह बढ़कर 920 से 930 डॉलर प्रति टन तक...