महाराजगंज, मई 13 -- महराजगंज, निज संवाददाता। भारत-नेपाल की 84 किमी लंबी खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सामरिक दृष्टि से संवेदनशील इस सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों और अवैध घुसपैठ पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने 17 नए वॉच टावर बनाने का निर्णय लिया है। डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने इस संबंध में निचलौल एवं नौतनवा के एसडीएम को तत्काल भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं。 यह भी पढ़ें- भारत-नेपाल सीमा पर संदिग्ध गतिविधि पर रखी जा रही कड़ी नजरसीमा की सुरक्षा की चुनौती जिले से सटी यह सीमा पूरी तरह खुली है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। वर्तमान में इस अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा का मुख्य जिम्मा सशस्त्र सी...