नई दिल्ली, मार्च 27 -- भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने गुरुवार को कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत और चीन ने जो उल्लेखनीय विकास हासिल किया है, वह दोनों देशों के लोगों की कड़ी मेहनत और बुद्धिमत्ता का नतीजा है, न कि दूसरों की उदारता का। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें बीजिंग के आर्थिक उदय का श्रेय बाहरी शक्तियों (विशेषकर अमेरिका) को दिया जाता है। राजदूत ने ये बातें 14वें भारत-चीन युवा संवाद को संबोधित करते हुए कहीं। चीन के दूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और चीन पड़ोसी मुल्क हैं और उन्हें अलग नहीं किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश दरार डालने की कोशिश करते रहते हैं।अमेरिकी दावों पर करारा पलटवार चीनी राजदूत की यह टिप्पणी अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ के हालिया बया...
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