नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता । रूस से तेल खरीदने वाले देशों के सामानों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने के अमेरिकी कानून लिंडसे ओ के पारित होने के बावजूद भारत को उम्मीद है कि वह कूटनीतिक प्रयासों से इसके प्रभाव से बचने में कामयाब रहेगा। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि इस कानून से जुड़ी चिंताओं से पहले ही अमेरिका को शीर्ष स्तर पर अवगत कराया जा चुका है। भारत ने दो मुद्दों पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। एक, इससे द्विपक्षीय संबंध खराब होंगे, दूसरे इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पड़ सकता है। तेल की आपूर्ति बिगड़ सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। यह भी पढ़ें- 'भारत पर ऐक्शन से पहले सोच लेना', रूस से तेल खरीदारी पर US को किसने दिखाया आईनाकानून की लागू करने की प्रक्रिया सूत्रों ने बताया कि कानून पारित होना और उसको लागू करना अलग-अलग...