नई दिल्ली, फरवरी 26 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को एक 'वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर' बनाने का विजन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को रास नहीं आ रहा है। अमेरिका और चीन ने भारत पर वैश्विक व्यापार नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कड़े कदम उठाए हैं। हालांकि, इस पूरी कूटनीतिक और व्यापारिक खींचतान में अमेरिका और चीन का खुला पाखंड भी उजागर हो रहा है, क्योंकि जो देश भारत की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, वे खुद अपने घरेलू उद्योगों को भारी सब्सिडी दे रहे हैं।विवाद की जड़: भारत की 'PLI स्कीम' इन सभी विवादों के केंद्र में भारत की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना है, जिसे मोदी सरकार ने 2020 में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लागू किया था। बजट और दायरा: 1.91 लाख करोड़ रुपये ($21 बिलियन) के कुल परिव्यय वाली यह योजना ...