नई दिल्ली, मार्च 3 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अगर युद्ध लंबा चलता है तो भारत को आर्थिक और रणनीतिक लिहाज से काफी चुनौतियां होंगी। अकेले पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें नहीं बढ़ेंगी बल्कि कई स्तर पर भारत के अंदर असर दिखाई देगा। यह कहना है जेएनयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार का। उन्होंने कहा कि हॉमुर्ज स्ट्रेट बंद होने की वजह से जहाजों को लंबा रास्ता तय करना होगा, जिससे माल ढुलाई का समय बढ़ेगा। उसके साथ ही, कंपनियों के आयात-निर्यात से जुड़ा बीमा शु्ल्क भी बढ़ेगा और लॉजेस्टिक की लागत में भी इजाफा होगा। इससे हमारे लिए वस्तुओं का आयात और निर्यात महंगा होगा, जिसका असर कीमतों पर दिखाई देगा। डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि भारत के कुल आयात-निर्यात में खाड़ी देशों की 15 फीसदी की हिस्सेदारी है। यूएई और ओमान के साथ हमारे व्यापारिक रिश्ते लगातार ...