नई दिल्ली, मार्च 3 -- पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत के पास फिलहाल राहत देने वाला आंकड़ा है। देश के पास करीब 74 दिनों का कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार मौजूद है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह भंडार शुरुआती तौर पर किसी भी सप्लाई में रुकावट से निपटने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, अगर तनाव लंबा खिंचता है और तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो इस रणनीतिक भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।होर्मुज स्ट्रेट: आपूर्ति की जीवनरेखा पर संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बेहद अहम है। भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 50 फीसदी और एलपीजी (रसोई गैस) का बड़ा हिस्सा रोजाना इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। अभी ईरान ने इसे बंद कर दिया है। इस मार्ग से इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत का तेल भारत पहुंचता है। फारस की खाड़ी ...