नई दिल्ली, मार्च 24 -- सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि भारत के रणनीतिक तेल भंडार मौजूदा समय में दो-तिहाई भरे हुए हैं तथा आपूर्ति संकट के दौरान अल्प-अवधि में यह बफर का काम कर सकता है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है। कच्चे तेल के भंडारण के लिए तीन स्थानों - आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम और कर्नाटक में मंगलुरु और पडूर - में कुल 53.3 लाख टन की क्षमता वाली रणनीतिक भूमिगत भंडारण की व्यवस्था है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को बताया कि सरकार ने एक विशेष प्रयोजन कंपनी इंडियन स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) के माध्यम से 53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के भंडारण के लिए आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक मे...