नई दिल्ली, जुलाई 3 -- भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपरा और फाइनेंशियल सेफ्टी का प्रतीक माना जाता है। शादी-ब्याह हो, त्योहार हो या भविष्य की बचत, भारतीय परिवार सालों से सोने में निवेश करते आए हैं। लेकिन, यही सोना अब देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती भी बन गया है। अनुमान है कि भारतीय परिवारों और मंदिरों के पास करीब 25,000 से 30,000 टन सोना मौजूद है, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 430 लाख करोड़ रुपये) आंकी जा रही है। यह अमाउंट भारत की जीडीपी से भी अधिक है, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा घरों की तिजोरियों और लॉकरों में इन-एक्टिव पड़ा हुआ है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। यह भी पढ़ें- वेदांता से मिला Rs.1,437 करोड़ का मेगा ऑर्डर, शेयर में लगा 10% का अपर सर्किट यह भी पढ़ें- राधाकिशन दमानी की क...