काठमांडू, मई 8 -- नेपाल में एक बार फिर लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी का मुद्दा गरमा गया है। नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। विपक्ष की मांग है कि सरकार अब सिर्फ 'डिप्लोमैटिक नोट' तक सीमित न रहे और इन क्षेत्रों को 'वापस' लेने के लिए भारत और चीन के साथ उच्च स्तरीय बातचीत शुरू करे। गौरतलब है कि नेपाल इन भारतीय क्षेत्रों पर अपना दावा ठोकता रहा है। भारत इन दावों को खारिज करता रहा है।क्या है ताजा मामला? भारत और चीन ने 2026 के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला किया है। यात्रा जून से अगस्त तक चलेगी, जिसमें लिपुलेख दर्रे (उत्तराखंड) के रास्ते एक रूट और नाथू ला (सिक्किम) के रास्ते दूसरा रूट शामिल है। नेपाल सरकार का कहना है कि लिपुलेख, लिम्प...
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