नई दिल्ली, जून 26 -- दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत के पास भी भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करने वाली कोई प्रमाणित वैज्ञानिक तकनीक मौजूद नहीं है। हालांकि, देश के पास हिमालयी क्षेत्र के लिए सिस्मिक मॉनिटरिंग नेटवर्क और 'अर्थक्वेक अर्ली वॉर्निंग' (EEW) सिस्टम जरूर है। यह सिस्टम भूकंप आने के ठीक बाद कुछ सेकंड पहले ही चेतावनी (अलर्ट) जारी कर सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।भूकंप से अलर्ट करेगा 'BhuDEV' ऐप भूकंप की पूर्व चेतावनी के विस्तार के लिए सबसे सफल प्रयास आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) ने किया है। आईआईटी रुड़की ने उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग ऐप 'भूदेव' तैयार किया है। यह ऐप तकनीक का इस्तेमाल करते हुए भूकंप के खतरों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करता है।कैसे काम...