अरविंद सिंह, फरवरी 28 -- केंद्र सरकार रणनीतिक और सामरिक सुरंगों का जाल बिछाकर भारतीय सीमाएं अभेद्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर में बनने वाली ये सुरंगें न सिर्फ चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर भारत की सैन्य ताकत को दोगुना कर देंगी बल्कि हिमालय के सुदूर दुर्गम क्षेत्र में हर मौसम में सड़क संपर्क भी मुहैया कराएंगी। अन्य राज्यों की सुरंग परियोजनाएं सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देंगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने छह सुरंग परियोजनाओं की लंबित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का कार्य फास्ट ट्रैक पर लाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा पाइपलाइन में सबसे अहम शिंकु ला सुरंग (4.1 किलोमीटर) है। 15,800 फीट की ऊंचाई पर बनने वाली यह सुरंग दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी...
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