नई दिल्ली, जून 7 -- नई दिल्ली। उज्बेकिस्तान ने भारतीय दवा कंपनियों से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए सब्सिडी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रोत्साहन और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पेशकश की है। देश का उद्देश्य खुद को क्षेत्रीय दवा विनिर्माण और आपूर्ति केंद्र के रूप में स्थापित करना है। उज्बेकिस्तान के निवेश, उद्योग और व्यापार उपमंत्री शौखरुख गुलामोव ने कहा कि दोनों देशों के बीच अब तक 117 द्विपक्षीय समझौते हो चुके हैं, जिनमें 2011 की रणनीतिक साझेदारी घोषणा और सितंबर, 2024 में हुआ निवेश संरक्षण समझौता शामिल है। दोनों देशों के बीच वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 33.3 प्रतिशत बढ़कर 1.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह भी पढ़ें- भारत की दवा कंपनियों को ओर प्रोत्साहनों की पेशकश इसमें निर्यात 25.4 प्रतिशत बढ़कर 16.46 करोड़ डॉलर और आयात 34.6 प्रतिश...