नई दिल्ली, फरवरी 4 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में भारत समेत अनेक देशों पर जब टैरिफ थोपना शुरू किया, तब भारत के चीन और यूरोपीय देशों से संबंध और मजबूत हुए। इससे भारत को आर्थिक लाभ हुआ और अमेरिका को नुकसान। अमेरिका में कीमतें आसमान छूने लगीं। बढ़ती महंगाई, टैरिफ पर अदालतों की फटकार से ट्रंप का विरोध उनके अपने देश में ही तेज हो गया। विश्व मंच पर अमेरिकी दबदबा कमजोर पड़ने से छोटे-छोटे देश भी खुलकर अमेरिका को चुनौती देने लगे। घिरते ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की याद आई। भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया। यह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। अमेरिका को अब पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ रिश्तों पर भी पुनर्विचार करना होगा।अरविंद रावल, टिप्पणीकार भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताओं ...
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