नई दिल्ली, जनवरी 28 -- कांग्रेस ने बुधवार को भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चिंता जताई। पार्टी ने कहा कि करार में केंद्र सरकार कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म से भारत के एल्युमीनियम और इस्पात निर्माताओं को छूट दिलाने में नाकामी रही। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह बहु-प्रचारित एफटीए अब तक किसी भी व्यापारिक साझेदार को भारत द्वारा दी गई सबसे बड़ी व्यापारिक ढील है। इसके तहत ईयू से भारत को होने वाले 96 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क में कटौती या राहत प्रदान की गई है। ऐसे में भारत के व्यापार घाटे पर पड़ने वाले प्रभाव पर कड़ी निगरानी जरूरी है। रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया कि भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर बातचीत पहली बार जून, 2007 में शुरू हुई थी। बातचीत के 16 दौर हुए, लेकि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.