नई दिल्ली, मार्च 3 -- *श्याम घोष और देविना सेनगुप्ता मध्य-पूर्व में ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी है। इस संघर्ष से भारत में विदेशी कामगारों द्वारा भेजे जाने वाले पैसों (रेमिटेंस) में बड़ी रुकावट आने की संभावना कम है। जानकारों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कुल रेमिटेंस में खाड़ी देशों की हिस्सेदारी कम हुई है।भारतीय राज्यों की स्थिति भारत में आने वाले कुल रेमिटेंस में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा (20.5%) है। इसके बाद केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में रेमिटेंस बढ़कर 38.2 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 34.4 अरब डॉलर था। यह भी पढ़ें- खामेनेई को मार दिया, अब ईरान से क्या चाहता है अमेरिका? ट्रंप ने सेट किए 4 टारगेट यह भी पढ़ें- ईरान-अमेरि...
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