नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- भारत सरकार ने 3.25 लाख करोड़ की 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मेगा डिफेंस सौदे को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। इस बार भारत की प्राथमिकता केवल विमान खरीदना नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को एक नए स्तर पर ले जाना है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत इस सौदे में यह सुनिश्चित करने जा रहा है कि इन फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों में भारत में ही विकसित मिसाइलों और हथियारों को आसानी से एकीकृत किया जा सके। इसके लिए भारत सरकार और फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट के बीच होने वाले अनुबंध में इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) की शर्त अनिवार्य की जाएगी।क्या है ICD और यह क्यों है इतना महत्वपूर्ण? रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट एक प्रकार का ब्लूप्रिंट या तकनीकी प्रोटोकॉल है, जो विमान की मुख्य प्...