भारतेन्दु जी के साहित्य की धुरी राष्ट्रप्रेम और समाज सुधार थी : प्रो बलिराज
आरा, सितम्बर 12 -- आरा, निज प्रतिनिधि। भोजपुर जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में भारतेंदुजी की जयंती पकड़ी स्थित अपना सभागार में मनाई गई। अध्यक्षता सम्मेलन के अध्यक्ष व वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रोफ़ेसर बलिराज ठाकुर ने की। प्रोफेसर बलिराज ने भारतेंदु जी को आधुनिक हिंदी साहित्य और आधुनिक रंगमंच का जनक (पितामह) बताते हुए कहा कि उन्होंने रीतिकाल की दरबारी संस्कृति से निकालकर हिन्दी साहित्य को आमजनता, राष्ट्र प्रेम और समाजिक सुधारों से जोड़ा। कहा कि उनके साहित्य की धूरी राष्ट्रप्रेम और समाज सुधार थी।
सम्मेलन में चर्चा कवि समीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि ब्रिटिश शासन की आर्थिक शोषण-नीति और जनमानस की पीड़ा को उन्होंने अपनी रचनाओं में प्रमुखता से उभारा। भारतेन्दुजी ने हिंदी नाटक विधा को नई दिशा दी। भोजपुरी विभागाध्यक्ष...
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