नई दिल्ली, जून 30 -- आज के वक्त में एक युद्ध वाले सीन शूट करना इतना मुश्किल नहीं होता है। क्योंकि टेक्नोलॉजी बहुत एडवांस हो चुकी है। आधा काम ग्रीन स्क्रीन संभाल लेती है और बाकी का VFX टीम। लेकिन जरा सोचिए, साल 1960 के दशक में चीजें किस तरह की जाती होंगी? आज हम आपको ऐसी ही एक फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें पूरी की पूरी फौज एक साथ एक्शन करते नजर आती है। कहीं गलती नहीं होती है और हर एक शॉट बिलकुल परफेक्ट। उस दौर में ये चीजें बिना इतनी एडवांस तकनीक के कैसे की जाती होंगी? आज इसी सवाल का जवाब जानेंगे।वॉर सीक्वेंस की खूब हुई तारीफ हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड की कुछ सबसे आइकॉनिक फिल्मों में से एक 'मुगल-ए-आजम' की। इस फिल्म की IMDb पर रेटिंग 8.1 है और यह उस दौर की सबसे महंगी फिल्म थी। के.आसिफ के निर्देशन में बनी इस फिल्म पर पैसा पानी की त...