वाराणसी, अप्रैल 23 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी 'मृदुल' ने कहा कि भारतीय समाज की जड़ों में संगीत और कला रचे-बसे हैं। बुधवार को बीएचयू के राष्ट्रीय कला मंच की तरफ से आयोजित 'काशी कला कुंभ-2026' में वह मुख्य अतिथि थे। काशी कला कुंभ का शुभारंभ पं. ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में हुआ।सांसद मनोज तिवारी ने संबोधन में बीएचयू से जुड़ी अपनी भावनात्मक स्मृतियां साझा की। कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को निखारने का सजीव मंच प्रदान करते हैं। 'गांव गए भी हुए महीनों, खुद ही खुद से मिला नहीं हूं' पंक्तियों के जरिए उन्होंने जीवन की व्यस्तताओं पर तंज कसा। यह भी पढ़ें- धार्मिक अनुष्ठान से सनातन मूल्यों का संरक्षण संभव कहा कि बदलती तकनीक के दौर में कला की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। उन्होंने काशी को स्वयं में एक 'कला कुंभ' बत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.