भारतीय संस्कृति में व्यक्ति, समाज, सभ्यता और प्रकृति एक दूसरे जुड़े हुए
लखनऊ, सितम्बर 16 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय और मनोदर्पण प्रकोष्ठ, एनसीईआरटी की आोर से दो दिवसीय राज्य स्तरीय विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने भारतीय दर्शन और पाश्चात्य दर्शन के बीच तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए दोनों की जीवन-दृष्टि एवं प्रकृति के प्रति दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय दर्शन में संसाधनों के विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य पर बल दिया गया है, जबकि पाश्चात्य दर्शन की आधुनिक उपभोक्तावादी प्रवृत्तियों ने संसाधनों के अधिकाधिक उपभोग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में व्यक्ति, सम...
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