कौशाम्बी, मार्च 8 -- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विकास खंड कड़ा क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के शिक्षक अजय साहू ने अपने विचार व्यक्त किए। कहा कि नारी सम्मान ही किसी भी सभ्य और समृद्ध समाज की पहचान है। भारतीय संस्कृति में नारी को केवल परिवार की सदस्य या समाज का एक अंग नहीं माना गया है, बल्कि उसे शक्ति, ज्ञान और मर्यादा का प्रतीक माना गया है। शिक्षक ने कहा कि यदि बात भारतीय महिला की हो तो वह केवल एक महिला नहीं रहती, बल्कि वह एक जीवंत संस्कार का रूप धारण कर लेती है। उसके भीतर विद्वता, साहस, निडरता, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान जैसे गुण स्वाभाविक रूप से विद्यमान रहते हैं। यही कारण है कि भारतीय समाज में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। भारतीय इतिहास और संस्कृति इस बात के साक्षी हैं कि यहां प्राचीन काल से ही महिल...