सहारनपुर, जुलाई 14 -- सहारनपुर। साकेत कॉलोनी में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में आत्मानुभवी महाराज ने भारतीय संस्कृति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह संस्कृति न केवल विश्व वंदनीय है, बल्कि समस्त विश्व शांति की जननी भी है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा संतों, मुनियों और तपस्वियों की आस्था का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है उन लोगों का जो भारत में रहकर अपनी ही संस्कृति का अपमान करते हैं। भौतिकता की चकाचौंध जहाँ अज्ञान की ओर ले जाती है, वहीं भारतीय ग्रंथ आत्मज्ञान का प्रकाश देते हैं। अंकुश कपिल, विनोद कपिल, राहुल सोलंकी, दीपक कपिल, उमेश शर्मा, नितेश शर्मा, अनिल शर्मा, दिनेश शर्मा, प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, ठाकुर बालेश्वर, मोना देवी, बबीता, चित्रा, साधना और सुषमा रहे।
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