रांची, मार्च 13 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग और पूर्ववर्ती छात्रसंघ की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी की शुरुआत शुक्रवार को हुई। मुख्य अतिथि ओड़िशा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शत्रुघ्न पाणिग्रही थे। अध्यक्षता प्रो चंद्रकांत शुक्ल ने की। प्रो पाणिग्रही ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के वास्तविक स्वरूप को समझने के लिए वेद-वेदांगों का ज्ञान नितांत आवश्यक है। कहा कि सृष्टि उत्पत्ति के ज्ञान के लिए ऋग्वेद के नासदीय सूक्त, पुरुष सूक्त, हिरण्यगर्भ सूक्तों का पठन-पाठन आवश्यक हो जाता है। विशिष्ट अतिथि आरयू की पूर्व प्रतिकुलपति कुलपति प्रो कामिनी कुमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को हजारों वर्षों से चली आ रही एक समृद्ध परंपरा बताया। कहा कि यह आधुनिक युग में भौतिकता और आध्यात्मिकता के बीच समन्...
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