नई दिल्ली, मार्च 12 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारतीय रेलवे के सबसे बड़े प्रशासनिक केंद्र रेल भवन में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने अपने दशकों पुराने ऊंचे प्रशासनिक ढांचे को स्थायी रूप से छोटा (राइटसाजिंग) करने का फैसला किया है। इसके तहत बोर्ड में तैनात अधिकारियों की संख्या 200 से घटाकर 150 (रेलवे बोर्ड के स्वीकृत पदों में 25 की कमी) की जा रही है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यहां से हटने वाले 50 डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को कोई साधारण विदाई नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें सीधे ग्राउंड जीरो यानी जोनल और डिविजनल मुख्यालयों में बड़ी जिम्मेदारी देकर भेजा जा रहा है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पुनर्गठन का खाका तैयार है। मार्च के अंत तक पदों की सूची फाइनल हो जाएगी और ...