नई दिल्ली, अगस्त 6 -- भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने गुरुवार को पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के बाहर कदम रखा। भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अनिल के लिए यह सिर्फ एक सामान्य मिशन नहीं है। यह उनका पहला स्पेसवॉक है, जिसे किसी भी अंतरिक्ष यात्री के सबसे कठिन कार्यों में से एक माना जाता है। इस दौरान वह अंतरिक्ष के खुले वातावरण में जाकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम करेंगे।

मिशन का विवरण यह छह घंटे 30 मिनट का स्पेसवॉक होगा। इस मिशन में अनिल के साथ नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर भी हैं, जो अपना छठा स्पेसवॉक कर रही हैं। दोनों मिलकर ऐसा महत्वपूर्ण काम करेंगे, जिससे आने वाले वर्षों तक आईएसएस को पर्याप्त बिजली मिलती रहे...