भारतीय नारियों ने लोक संस्कृति को दिया नया आयाम
जौनपुर, जून 12 -- जलालपुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के पुरेव गांव स्थित बड़कू हनुमान मंदिर के परिसर में आयोजित नौ दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नारी महाकुंभ के दूसरे दिन गुरुवार को जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने कहा कि लोक कला और संस्कृति केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि वह समाज के इतिहास, परंपराओं, मूल्यों और जीवनशैली को भी दर्शाती है। भारतीय नारियों ने पूरे विश्व में न केवल लोक कला और संस्कृति को जीवित रखा है, बल्कि उसे नए आयाम भी प्रदान किया है। माता जानकी का वनवासी जीवन इस बात का जीता जागता पूरे विश्व के समक्ष एक अनूठा उदाहरण है। उन्होंने लगभग पांच हजार महिलाओं और पुरुषों की उपस्थिति में संगीतमय कथा के दौरान कहा कि भारतीय महिलाएं सदियों से विभिन्न लोक कलाओं का अभ्यास करती रही हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही महिलाएं मंदिरों की पूजा-पद्धति...
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