अयोध्या, अप्रैल 26 -- अयोध्या, संवाददाता। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति का दोहन नहीं, बल्कि पोषण सीख विद्यमान है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति का हर तत्व जैव-विविधता के संरक्षण से जुड़ा है। जब हम जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में हैं। तब हमें ऐसी तकनीकों की जरूरत है जो कार्बन फुट प्रिंट को कम करें। यह बातें कुलपति डॉ. सिंह ने रविवार को अवध विवि के आइक्यूएसी की ओर से 'सतत पर्यावरण प्रबंधन: भारतीय ज्ञान प्रणालियों, नीतिगत ढांचे और तकनीकी नवाचारों का एकीकरण' विषयक एफडीपी 12 दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम की आनलाइन अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने बताया कि परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के बावजूद बाड़मेर राजस्थान के लोग प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाकर रहत...
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