वाराणसी, जनवरी 19 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। आईआईटी बीएचयू के आईकेएस उत्कृष्टता केंद्र के अंतर्गत सोमवार को तीन शोधपरक पुस्तकों का विमोचन किया गया। ये पुस्तकें विज्ञान, पुरातत्व और भारतीय ज्ञान परंपरा के उत्कृष्ट अंतर्विषयी समन्वय को दर्शाती हैं। इन पुस्तकों में से एक पुस्तक में आधुनिक स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीकों के माध्यम से शैलचित्रों (रॉक आर्ट) एवं उनकी भौतिक संरचना के वैज्ञानिक अध्ययन पर प्रकाश डाला गया है। दूसरी पुस्तक में उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित कैमूर पर्वतमाला के पंचमुखी शैलचित्र आश्रय स्थल पर केंद्रित एक विस्तृत अध्ययन है। यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े शैलचित्र संग्रह क्षेत्रों में से एक माना जाता है। दोनों पुस्तकों का लेखन बीएचयू के प्रख्यात पुरातत्वविद डॉ. सचिन तिवारी, आईकेएस समन्वयक डॉ. वी. रामनाथन के साथ डॉ. सचिन तिवार...
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