अयोध्या, अप्रैल 28 -- अयोध्या, संवाददाता। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने 'रोल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम इन क्लाइमेट चेंज एंड मिटिगेशन एंड अडॉप्शन' विषय पर पीपीटी के माध्यम से व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली में प्रकृति के साथ संतुलित जीवन शैली का स्पष्ट मार्गदर्शन मिलता है। यह वर्तमान जलवायु संकट के समाधान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालली पद्धति को सतत जल प्रबंधन के लिए प्रभावी बताया। यह बातें डॉ. चौधरी ने अवध विवि के आइक्यूएसी एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की ओर से फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के में बतौर मुख्य वक्ता कही। यह भी पढ़ें- प्राचीन काल से ही जल संचयन प्रणाली विकसित की गई: प्रो. सिद्धार्थ उन्...
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