गया, अप्रैल 30 -- मगध विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग में गुरुवार को 'भारतीय ज्ञान परंपरा में शोध क्षेत्र की दशा एवं दिशा: एक अवलोकन' विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा की वर्तमान स्थिति, उसके अकादमिक महत्व और भविष्य की शोध संभावनाओं पर मौजूद लोगों ने चर्चा किया। मुख्य वक्ता आरा स्थित वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. किस्मत कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा अतीत का धरोहर होने के साथ-साथ वर्तमान और भविष्य के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। भारतीय और पाश्चात्य दर्शन के तुलनात्मक अध्ययन को आवश्यक बताते हुए उन्होंने पंचमहाभूत, पंचकोश, शब्द प्रमाण व अनुभूति प्रमाण जैसे मूलभूत सिद्धांतों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोधार्थियों को परंपरागत ज्ञान क...
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